सुकून पर शायरी - Chand Ki Chandni Se Jyada Nirmal Tera Ehsaas Hai | TheMisVi





चाँद की चाँदनी से ज्यादा निर्मल 
लगता तेरा एहसास है शायरी 



इंतजार है इस कदर के बीती पूरी रात है
क्या तुम मेरे साथ हो या बस तुम्हारा एहसास है l

ज्यादा फ़र्क़ नहीं है मग़र कुछ ऐसी ही बात है 
चाँद की चाँदनी से ज्यादा निर्मल तेरा एहसास है 

इस दिल ने गुस्ताखी की है जो तेरा भ्रम कर बैठा 
बस अब ना मुमकिन है तेरा मेरे संग न रहना 

जनता हूं सब झूठ है पर फिर भी मैं इतराता हूँ 
तू न होके भी क्यूँ साथ है मेरे, इस गुत्थी को सुलझाता हूं 

है, तुमसे मेरा इश्क बड़ा न दूर तुमसे रह पाता हूं 
तू न सही कोई बात नहीं तेरी यादों में सुकून मैं पाता 

 

          

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