लोह पथ गामिनी - रेल : रेलयात्रा * हिंदी कविता - RHYTHMIC POEM ON TRAINS JOURNEY
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**** रेलयात्रा *****
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| रेल : रेलयात्रा |
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लहरों सी लहराती जाये
सीटी बजाती धुआं उड़ाती जाये
कोई न रोक सके रफ़्तार
लोह पथ गामिनी ये कहलाये
दुनिया भर का बोझ उठाये
रात और दिन का सफर कराये
सबसे उत्तम इसकी सवारी
सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी
भ्रमण रेल का मन भरमाये
कुल्हड़ की चाय जी ललचाये
चाट पकोड़ी चटनी कचौड़ी
सब्ज़ी - पूरी भूख बढ़ाये ।
रेल की दोस्ती याद रह जाये
छोटी मुलाकातें बड़ी बातें कराये
मिलजुल के हमें रहना सिखाये
भेदभाव की भावना मिटाये
नगरी नगरी सबको पहुचाये
दोस्तो, रिश्तेदारों से हमें मिलाये
कश्मीर से कन्याकुमारी की
यात्रा ये आसान बनाये
मंज़िल से ज़ादा सफर का मज़ा है
होता सबको उल्लास बड़ा है
रेल से सीखा हमने यारो
मिलो की दूरी तत्काल में हो जाये
रिश्ते हो करीब तो दूरी घट जाये।

Lovely Rail Yatra....🤗🤗😎
जवाब देंहटाएंWow 👏
जवाब देंहटाएंManzil se zada safar ka maza hai....best line Vinu..
जवाब देंहटाएंवाह बहुत बढ़िया।👌👌👌
जवाब देंहटाएंSach me
जवाब देंहटाएंRail ki dosti yaad reh jaye
मन भरमाये जी ललचाये
जवाब देंहटाएंयाद रह जाये हमें मिलाये l
रात और दिन का - सफर कराये
छोटी मुलाकातें - बड़ी बातें कराये ll
क्याा सुंदर लिखा है मन खुश हो गया l
Wow 🤩
जवाब देंहटाएंWants to ride in this rail...Ms. Vinita
जवाब देंहटाएंBy Neelu
Shabaash q1👍👍👍🤗🤗🤗👌🏻👌🏻👌🏻💝💝
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