No posts with label Trust & Love | Friendship & Commitment. Show all posts
No posts with label Trust & Love | Friendship & Commitment. Show all posts

Favourites

तेरी आँखों की नमी मेरी आँखों में है Poetry On Love &Trust हर शाम ढलते सूरज के इंतज़ार में है राह देखता है कोई इस विश्वास में है

तेरी आँखों की नमी मेरी आँखों में है अनकहे अल्फ़ाज़ तेरे मेरे ज़हन में है बालो से गिरा फूल  अब भी किताबो में है माफ कीजिए कहते हुए अल्फ़ाज़ खया...

Popular