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सिलसिला - हिंदी कविता - SILSILA HINDI KAVITA

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Pls  Listen  SILSILLA   to experience  more realistic poetry by single click on below  Image .           सिलसिला ********************************* ये सादगी  जो मन मोह लेती है  क्या आना होगा कभी  जो सड़के रुख मोड़ लेती  है  क्या पता छोटी है ज़िन्दगी बड़ी मिल जाओ  तुम भी कही  क्या पता फिर चर्चा हो तेरे नाम का  और बयान हो हाल  फिर अपने हाल का  फिर चले हम किसी नए सफर पे  जीवन की इस लम्बी डगर पे फिर शुरू एक नया सिलसिला रहे  मुझे तुझसे और तुझे मुझसे फिर कोई भी जुदा  न करे। 

जन्माष्टमी # श्री कृष्णा भक्ति # श्री राधे कृष्णा

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Kindly Listen Short Bhajan On Shri Krishna                             *************************************    श्री कृष्णा भक्ति  *********************************************************** तालाश ली है मंज़िल  पा लिया है साहिल भी  बस अब न कुछ चाहिए   आ गए तेरे द्वारे भी   विश्वास तुझपे हो गया  शीश तेरे आगे झुक गया कोई  न मुझे तुझसे लगे  शरण में आके तेरी ही चैन मिले जीना अब आसान हुआ  तेरे साथ से मेरा साथ हुआ कहना सुन्ना अब कुछ भी नहीं  है सब कुछ तुझ पे सौंप दिया नया मुझको संसार लगे , आंखों में तेरी मुझे प्यार दिखे तेरी मोहिनी मूरत पे , होता मुझको विश्वास दिखे हरी में बलिहारी जाऊ चरणों में  तेरे  शीश नवाओ  मन मंदिर में तुझको बिठाके  भक्ति से तेरी मैं शक्ति पाऊ                                        

चरणों के फूल * हिंदी कविता - CHARNOO KE PHOOL * HINDI KAVITA

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                                       ** चरणों के फूल **   है पूजा का फूल मिला ! और, बालों में अपने सजा लिया  दिन मेरा आज सवंर गया , है मुझको .. प्रभु का प्रसाद मिला ।  गुलाब है महका .. अंतर्मन में , हुई प्रस्नता मेरे हिये में ।  मानो मुझको पारस है मिला  है मुझको .. प्रभु का प्रसाद मिला ।  पूजा कर मैं आनंदित हुई , फिर तेरी कमी महसूस हुई  थोड़ा लालच मेरा और बढ़ा , जैसे चरणों से फूल मिला ।  हे प्रभु !  मुझको भी.. चरणों से अपने ..अब दो मिला ।  हो पूजा .. सफल मेरी ! और , मिले परमात्मा से आत्मा मेरी।।  By Vinita

Poem on Poetry # IN LOVE WITH POETRY #World Poetry Day 21 March # कविता पे कविता

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कविता पे कविता - world poetry day    **************************************************   क्या कविता पे कविता लिखे  इसकी खूबसूरती को क्या कहे ?  मन की उमंगो को शब्दों में रचना  मानो गागर में है सागर को  भरना।  मिली एक नयी पहचान है कविता लिखना मेरा अरमान है  अब न कोई  दोस्त तुझसा लगे  कवि और कविता का साथ ही अच्छा लगे   सुंदर सी कलम मेरे हाथ सजे  कितना प्यारा ये साथ लगे      हीरे मोती जैसे अक्षर  लगे  मायने जिनके समंदर से गहरे लगे  दिल खोल के अपना में रख दू  बेरंगो में भी रंग भर दू  ऐसी कविता मैं लिख दू   के शब्दों में अमृत भर दू  कविता तुझको सलाम है   आज की कविता  सिर्फ तेरे नाम है।।                                         

Dastak Deti Ek Aahat Hai - Mohabbat Shayari | Vinita Mishra

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             दस्तक देती एक आहट है क्या अब भी हमें मोह्हबत है दिल कहता है तुझसे मिल आउ  क्या तेरी भी यही चाहत है  तेरा साथ बहुत भाया है मुझे  काफी समय साथ बिताया हमने  ये अंदाज़ा मेरा गलत होगा के  तू भूल गया है मुझे अब आहट पे यकीं हो चला  कोई है जो मुझसे कह रहा क्या अब भी तू मेरे साथ है  हाँ कह दिया मैंने  तेरी परछाई की आदत है है फिर महसूस किया , हर रूप में तेरा रूप दिखा हाँ मुझको यकीं ये हो गया  के मुझको तुझसे मोहब्बत है और तुझको भी मेरी ज़रूरत है        Vinita Mishra  Themisvi.com                                    

ट्यूबरक्लोसिस - टीबी (हिंदी कविता) | TUBERCULOSIS (TB) | | Hindi Article On World Tuberculosis (TB) Day on March 24 | Essay On TB Disease | Slogan Of TB

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 ट्यूबरक्लोसिस - टीबी  नमस्कार दोस्तो ! आज की  कविता मैंने ट्यूबरक्लोसिस (टीबी ) बीमारी पे लिखी है, जैसा की हम सब जानते है कि ये एक खतरनाक  बीमारी है । इसमें  अगर मरीज़ को उपचार न मिले तो उसकी जान भी जा सकती है। मैंने टी.बी बीमारी को कविता के रूप में पेश किया है जिससे की आपको इसे समझने में आसानी हो। मेरा आप सभी से निवेदन है की आप सब अपना ध्यान रखे और इस बीमारी को अपने देश में जड़ से ख़तम करने में जागरूकता  फैलाये , और अगर किसी को टी.बी हो जाये तो वो डरे नहीं क्यूंकि ये रोग लाइलाज नहीं है  आप अपना इलाज  तुरंत शुरू कराये और डॉक्टर के संपर्क में रहे। ट्यूबरक्लोसिस (टीबी ) - हिंदी कविता है एक खतरनाक - बीमारी टीबी  इसका उपचार बहुत ज़रूरी दो तरह की होती है ये  इलाज चले इसका छह ,  अठारह या इक्कीस महीने।  होना है सबको जागरूक रखनी है साफ़ सफाई घर में  खुद को भी स्वच्छ रखना  गन्दी जगह न खाना पीना धूम्रपान से दूर है रहना  ।  भोजन प्रोटीन युक्त है - करना दूध, दही और फल है - खाना  नीद को अपनी है - पूरी रखन...

हुआ विश्वास (हिंदी कविता) * HUA VISHWAS (HINDI POEM)

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Pls  Listen HUA VISHWAS to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image . **  हुआ विश्वास ** ये बोलती हुई आँखें बहकते कदम  साँवला सा रंग और उसपे मचलता  मन नज़रे झुका के यूँ तुझमे सिमटना  कसम से जान लेगा  तेरे साथ मेरा आगे बढ़ना ये प्यार से कहना चाहते है तुझे  किसी और का साथ अब ना भाए मुझे हर जनम का साथ अब मिल गया मुझे  हुआ विश्वास  तेरे साथ ही है आगे बढ़ना मुझे ।  

जय हो तिरंगे तेरी | Hindi kavita On 15th August & 26th January |PATRIOTIC POEM

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Pls  Listen JAI HO TIRANGE TERI   to experience  more realistic poetry  by single click on below Image.      **  जय  हो   तिरंगे  तेरी  ** जय हो तिरंगे तेरी  है तेरी शान में शान हमारी लहराए तू ऊंचा हमेशा  और हो संसार में जयकार तेरी हर दिल में बसी है छवि तेरी  बढे पूरी दुनिया में पहचान तेरी  हम सबकी है बस यही विनती  दिन प्रतिदिन हो प्रगति तेरी  एक बार नहीं सौ बार क़ुर्बान हो  देश पे मिटने की लिए  हम हमेशा त्यार हो ।।                                      

साथी तुम्हारा * हिंदी कविता * HINDI POEM SATHI TUMAHARA *

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Pls Listen SATHII TUMAHARA   to experience  more realistic poetry  by single click on below  Image . साथी तुम्हारा   कह दिया है मान लो  मेरा कहा भी जान लो साथी तुम्हारा मैं ही हूँ ! अधिकार अपना भी जता दो     है दोस्ती मुझे अजीज बड़ी साथ अपना किसी से कम नहीं  छोड़ के जायेंगे न कभी  दोस्ती है कोई मज़ाक  नहीं  जान हाज़िर है हर खाविश पे तेरी  रिश्ता दोनों का है अकेला का नहीं  तू संकोच न कर कहने में कभी  दोस्त हूं तेरा कोई अजनबी नहीं                                                                       

# यादें - हिंदी कविता # Hindi Poem On Memories #

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 यादें - Memories   **************************************************** बेचैन मन ये  हो गया  सोचता तुझको रह गया थम गयी है साँसे फिरसे  मच गया है शोर मुझमे  याद वो मंज़र आ  गया  ये चेहरा फिर मुरझा गया  तेरे जाने का गम इतना नहीं  जितना तेरी यादों ने रुला दिया तू ही ज़हन में समां गया, दूर जाके  मेरे और करीब आ गया     अब क्या बताऊ      मैंने तुझको खुद ही में पा लिया !

आँखें - हिंदी कविता *(ANKHEN -HINDI POEM )

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  Pls Listen  AANKHEN    to experience  more realistic poetry  by single click on below Image.    आँखें  कुछ कहती हैं ये आँखें,  क्या - इनमे कोई रहता है ? रात भर सोई नहीं ये , किसका दिया- इसने पहरा है ? कौन है - इनमे बसा हुआ ? चेहरे का - रंग    क्यों  लाल हुआ ?  आँखें तो - दिल का दर्पण है , बता दे - तेरे दिल में क्या है ?  

Chali Hai Fir Tere Yadoo Ki Aandhi - Yaad Shayari Memories TheMisVi

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Chali Hai Fir Tere Yadoo Ki Aandhi by Vinita Mishra   चली है फिर तेरे यादो की आँधी  और साथ ले आयी वही शाम पुरानी फिर कैद कर लिया तेरे साये ने मुझको  और तेज़ हो गयी धड़कने हमारी रह गए सब अरमान सीने में दबकर  साथ रह गयी है बस कहानियां हमारी फिर पुकारा है किसी ने नाम से तेरे  तुम्हारे   नाम से ही पहचान हमारी। Vinita Mishra Themisvi.com                                                                                                           

जवाब - हिंदी कविता #Life Quotes

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जवाब - Life Quote *********************************** कब तक अनदेखा करू..   मैं  चेहरे को  तेरे ? कब तक ना दू जवाब..  मैं  सवालों को  तेरे ? खेले है किस तरह से,   मेरे साथ ज़िन्दगी ! के  - लाके खड़ा किया  है  !   फिर  उसी मोड़ पे मुझे।।  

शहर तेरा - हिंदी कविता

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 शहर तेरा    ***************************************** छोड़ आये हम शहर तेरा देखी सारी झूठी खुशियां रंग ही फूलों से अलग हुए  है, बस चेहरे पे चेहरा झूठी ही तस्सली देनी है बस अपनी -अपनी कहनी है  सच क्या है ये पता नहीं  अपने सिवा  कोई दिखा नहीं  अब क्या कहे  तुझसे नादान ! के तू आज भी है "अनजान"।  

गुलज़ार *हिंदी कविता - GULZAR HINDI POEM

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  Pls Listen  GULZAR   to experience  more realistic poetry  by single click on below Image. ये चाँद, सितारे और ये रात याद दिलाते तेरी ..हर बात।  ये गुलाब, मोगरा और चन्दन ! महके अब भी ..मेरे अंदर।  ये गजरा ,बिंदी, चूड़ी, पायल  सजते अब भी.. मुझे पे साजन।  ये प्यार , गिला तुझसे तकरार ! सब याद दिलाता ..तेरा इंतज़ार।  फिर सुनी  !तेरे दिल की बात  होके एक दूजे के साथ।  भूली मैं खुद को फिर एक बार, आके तेरी बाहोँ  में,  मैं होके गुलज़ार।।

क्या करे # Four Lines On What To Do

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क्या करे ! *********************************************** क्यों इतना समझ लिया  के कुछ कहना ही न पड़े   अब दिले हाल तो ठीक है  ! अपनी शिकायतों का क्या करे ?              

ऐतबार मुझे हो रहा

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Pls Listen  AITBAAR MUJHE HO RAHA     to experience  more realistic poetry  by single click on below Image.   ********************************** ऐतबार मुझे हो रहा  एक अजीब सी बात है  के  चाँद भी तेरे साथ है    है तारे भी  कुछ कह रहे  और मेरा  मन  भटका रहे   है प्यार मुझको हो रहा  दिल बार बार कह  रहा अब  न  गिला कोई  रहा  है ऐतबार  मुझको   हो रहा न झूठ है कहना मेरा के  तुझे सुनने को  मन  मेरा    कर रहा ।                   

ज़िन्दगी (हिंदी कविता) ZINDAGI (HINDI POEM )

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ज़िन्दगी  ************************ ज़िन्दगी 💜 खामियुओं को तेरी नज़र अंदाज़ करू जवाबों पे तेरे ऐतबार करू फैसले भी तेरे क़ुबूल किये  अब तू ही बता ऐ ज़िन्दगी !    और किस तरह से तुझे प्यार करू ?

Magan Dhun - Shringar Ras Hindi Kavita by Vinita Mishra | Misvi Poetry

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Magan Dhun Hindi Kavita by Vinita Mishra - Misvi Poetry - Chal tere sath chalen shringar kavita चल तेरे साथ चलें।  थोड़ा करके श्रृंगार चले , फिर अपना आँचल लहरा के चले।  माथे पे बिंदिया सजाके चले , चल तेरे साथ चले।।  फिर सबकुछ हम भूला के चले , सारे ज़ख्मो को अपने छुपा के चले।  मुँह में पान दबा के चले , फिर तुझको थोड़ा रिझा के चले।  चल तेरे साथ चले।।  अपनी पूरी मस्ती में चले , आंखों में तुझको छुपा के चले।  फिर दिल अपना हम लुटा के चले , तुझ को तुझसे ही चुरा के चले। चल तेरे साथ चले।।  तोड़ते  सारे   दायरों  को  चले , अपना  हम तुझको  बना  के  चले ।  आसमा  को  कदमो  में  लाके  चले , चल तेरे साथ चले ।।  करलू पूरी अपनी मनमानी  छोड़ू पीछे दुनियादारी  फिर अपनी मगन धुन में चले  चल तेरे साथ चले ।